Post Office Scheme: रिटायरमेंट के बाद हर महीने मिलेंगे ₹20,000, जानिए पोस्ट ऑफिस की इस धांसू स्कीम में बिना रिस्क कैसे करें निवेश
By अंजली चौहान | Updated: October 2, 2026 13:27 IST2026-10-02T13:26:33+5:302026-10-02T13:27:31+5:30
Post Office SCSS Scheme:सरकार की पोस्ट ऑफ़िस सीनियर सिटिज़न सेविंग्स स्कीम के साथ हर महीने ₹20,500 तक की कमाई करें और टैक्स बचाएं।

Post Office Scheme: रिटायरमेंट के बाद हर महीने मिलेंगे ₹20,000, जानिए पोस्ट ऑफिस की इस धांसू स्कीम में बिना रिस्क कैसे करें निवेश
Post Office SCSS Scheme: हर इंसान अपनी कमाई का कुछ हिस्सा अपने बुढ़ापे के लिए बचाना चाहता है। कुछ लोग इसके लिए बैंक में सेविंग तो कुछ शेयर मार्केट में निवेश करते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग बाजार जोखिम को देखते हुए बेहतर निवेश नहीं करते। ज्यादातर लोग बिना रिस्क के अपनी बचत करना चाहते हैं ताकि वो रिटायरमेंट के बाद बिना आर्थिक तंगी के जी सके। ऐसे में पोस्ट ऑफिस की स्कीम सबसे बेस्ट है। पोस्ट ऑफिस की सरकार की गारंटी वाली फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट स्कीम, सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम सुरक्षित और बेहतर रिटर्न वाली है।
सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम सालाना 8.2% का ब्याज देती है, जो आम बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट से बेहतर है। सरकार की गारंटी वाली यह स्कीम पूरी तरह सुरक्षित है और रिटायरमेंट के बाद की प्लानिंग के लिए पक्का रिटर्न देती है।
रिटायर हो चुके लोग SCSS में कम से कम ₹1,000 जमा करके इन्वेस्टमेंट शुरू कर सकते हैं। हर व्यक्ति के लिए ज्यादा से ज्यादा इन्वेस्टमेंट की सीमा ₹30 लाख तय की गई है, जिससे बुजुर्ग अपने रिटायरमेंट के बड़े फंड को सुरक्षित रख सकते हैं।
60 साल या उससे ज़्यादा उम्र का कोई भी व्यक्ति अकाउंट खोल सकता है। रिटायर हो चुके सिविलियन कर्मचारी (55-60 साल की उम्र) और रिटायर हो चुके डिफेंस कर्मचारी (50-60 साल की उम्र) भी रिटायरमेंट बेनिफिट के खास नियमों के तहत इसके लिए योग्य हैं।
SCSS अकाउंट अकेले या जीवनसाथी के साथ मिलकर (जॉइंट अकाउंट) खोला जा सकता है। जॉइंट अकाउंट से रिटायर हो चुके जोड़े एक भरोसेमंद सरकारी सेविंग्स प्लेटफ़ॉर्म के जरिए अपने घर के खर्चों को एक साथ मैनेज कर सकते हैं। इस स्कीम का समय 5 साल तय है। मैच्योरिटी के बाद, इन्वेस्टर्स के पास अकाउंट को और तीन साल के लिए बढ़ाने का विकल्प होता है, जिससे लंबे समय तक लगातार इनकम मिलती रहती है।
SCSS में जमा की गई रकम पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत टैक्स में छूट मिलती है, जिससे सालाना ₹1.5 लाख तक की बचत हो सकती है। यह दोहरा फ़ायदा टैक्स बचाने और पक्का रिटर्न पाने का मौका देता है।
SCSS कमाए गए ब्याज का भुगतान हर तिमाही में सीधे इन्वेस्टर के जुड़े हुए बैंक अकाउंट में करती है। इस रेगुलर शेड्यूल से बुज़ुर्गों को घर के हर महीने होने वाले खर्चों को पूरा करने के लिए एक भरोसेमंद इनकम मिलती रहती है।
8.2% सालाना ब्याज दर पर अधिकतम 30 लाख रुपये का निवेश करने पर हर साल लगभग 2.46 लाख रुपये की कमाई होती है। इससे हर महीने लगभग 20,500 रुपये मिलते हैं, जो हर तिमाही में 61,500 रुपये के भुगतान के तौर पर दिए जाते हैं।
20 लाख रुपये का निवेश पांच साल में बढ़कर कुल 28.2 लाख रुपये हो जाता है। इसमें कुल 8.2 लाख रुपये का ब्याज शामिल है, जिसका मतलब है कि हर तिमाही में लगभग 41,000 रुपये का नियमित भुगतान मिलता है।
एक साल के अंदर अकाउंट बंद करने पर सारा ब्याज नहीं मिलता। एक से दो साल के बीच अकाउंट बंद करने पर मूल राशि पर 1.5% का जुर्माना लगता है, जबकि दो साल बाद बंद करने पर 1% का मामूली जुर्माना काटा जाता है।
सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) पूरे भारत में रिटायर हो चुके लोगों के लिए एक बेहतरीन फाइनेंशियल प्लान है। सरकारी सुरक्षा, 8.2% का अच्छा रिटर्न, सेक्शन 80C के तहत टैक्स फायदे और हर तिमाही भरोसेमंद भुगतान के साथ, SCSS सीनियर सिटिजन को पूरी मानसिक शांति और जीवन भर आर्थिक सम्मान देती है।